Ticker

6/recent/ticker-posts
2 / 3

शाबास चानू..ओलंपिक के इतिहास में भारत ने दूसरे दिन पदक जीता.. मणिपुर की बेटी मीराबाई चानू ने भारोत्तोलन में रजत पदक जीतकर देश का सर ऊंचा किया.. हाकी मैं भी भारत ने पहली जीत दर्ज की, अन्य खेलों में भी पदक की उम्मीद..

 टोक्यो ओलंपिक में दूसरे ही दिन पदक मिला

दिल्ली। भारत की भारोत्तोलन मीराबाई चानू ने इतिहास रचते हुए भारोत्तोलन में रजत पदक जीता. टोक्यो ओलंपिक में भारत को पहला पदक दिलाया है। यह ऐतिहासिक क्षण है। यह पहली बार है, जब भारत ने ओलंपिक में दूसरे दिन पदक जीता। मीरा बाई चानू ने महिलाओं के 49 किग्रा में रजत पदक जीता। वह भारोत्तोलन में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय हैं। वहीं भारत ने हाकी के पहले मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर 3 -2 गोल से जीत दर्ज की है।

इसके बाद क्लीन एंड जर्क के पहले प्रयास में मीराबाई चानू 110 किग्रा उठाने में कामयाब रहीं। दूसरे प्रयास में मीराबाई चानू 115 किग्रा वजन उठाने में सफल रहीं। हालांकि वह तीसरे प्रयास में नाकाम रहीं और रजत पदक से संतुष्ट होना पड़ा है।


 
मणिपुर की निवासी मीराबाई चानू के पिता, सैखोम कृति मीटी और माता, टॉम्बी लीमा ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए शुरुआत में बहुत संघर्ष किया। उनके माता-पिता ने बताया की "मीराबाई ने एक खिलाड़ी बनने के लिए दृढ़ संकल्प किया था, बावजूद इसके कि परिवार ने कितनी कठिनाइयों का सामना किया। मीराबाई की मां के लिए शुरुआत में अपनी बेटी की आहार संबंधी जरूरतों को पूरा करना एक बड़ी चुनौती थी।

इस बार अन्य खेलों में भी पदक की उम्मीद..

 जापान की राजधानी टोक्यो में आयोजित खेलों के महाकुंभ यानि ओलंपिक में दुनिया के सामने जलवा दिखाने के लिए 126 खिलाड़ियों का भारतीय दल बेहद बेताब नज़र आ रहा है 18 खेलों की 69 प्रतियोगिताओं में भारतीय दल भाग ले रहा है।


निशानेबाजी, तीरंदाजी, हॉकी, जूडो, वेटलिफ्टिंग, टेनिस, रोइंग, टेबल टेनिस, तलवारबाजी और तैराकी के अलावा बैटमिंटन, गोल्फ, नौकायन, मुक्केबाजी, घुड़सवारी, जिम्नास्टिक, एथलेटिक्स और कुश्ती यानि सभी प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों से देश की जनता पदकों की उम्मीद लगाए बैठी है। टोक्यो ओलंपिक में देश से 15 शूटर्स की टीम ओलिंपिक में पहुंची है जो कि निशानेबाजी में भारतीय दावेदारी मजबूत करेगी ये भारत का अब तक का सबसे बड़ा शूटिंग दल है।10 मीटर एयर पिस्टल में भारत के अभिषेक वर्मा और सौरभ चौधरी वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप खिलाड़ियों में से हैं. इसी इवेंट में यशस्विनी देसवाल और मनु भाकर महिलाओं की विश्व रैंकिंग में टॉप 2 में हैं, ऐसे में इस इवेंट में भारतीय प्रशंसकों को एक से ज्यादा पदक की उम्मीद है।

यदि बात महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल इवेंट की करें तो इसमें भी मनु भाकर और राही सरनोबत विश्व रैंकिंग में नंबर दो और तीन हैं, इस इवेंट में भी भारत को पदक की उम्मीद है. 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर इस वक्त वर्ल्ड रैंकिग में नंबर वन हैं, तो 10 मीटर एयर राइफल में दिव्यांश सिंह पवार वर्ल्ड नंबर तीन हैं, इसी इवेंट में महिलाओं में इलावेनिल वालारिवन से पदक की उम्मीद है।क्वलिफिकेशन राउंड में उन्होंने शानदार प्रदर्शन दिखाते हुए ओलपिंक का टिकट हासिल किया है।

इसके अलावा, रेसलिंग में 8 खिलाड़ियों का अब तक का सबसे बड़ा दल टोक्यो ओलिंपिक में शामिल हो रहा है, इनमें बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट और दीपक पूनिया वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप थ्री में शामिल हैं तीनों से मेडल की उम्मीद है, विशेषकर बजरंग और विनेश का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था इसलिए उनसे देश की अधिक उम्मीदें हैं।वहीं, मुक्केबाजी में इस बार 9 भारतीय मुक्केबाज देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, इनमें से अमित पंघाल, मैरीकॉम और पूजा रानी पदक के सबसे बड़े दावेदार हैं। 

 एथलेटिक्स, बैडमिंटन और हॉकी से भी मेडल की उम्मीद है। एथलेटिक्स में नीरज चोपड़ा, बैडमिंटन में पीवी सिंधु और टेनिस में सानिया मिर्जा से भारतीयों को पदक की उम्मीद है। हॉकी में पुरुष टीम ने जिस तरह से पिछले तीन साल से प्रदर्शन किया है उससे एक बार फिर से ओलिंपिक मेडल आने की उम्मीद की जा सकती है वहीं वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू देश को पदक दिला ही चुकी है, फ़िलहाल वह 49 किलोग्राम वर्ग में दुनिया में नम्बर दो पर क़ाबिज़ है।

टेबल टेनिस में अंचत शरथ कमल और मनिका बत्रा से कम से कम सिल्वर मैडल की उम्मीद की जा रही है पिछले सत्र के प्रदर्शन को देखते हुए कहा जा सकता है कि टेबल टेनिस में भी भारत को इस वर्ष पदक मिल सकता है.

उल्लेखनीय है कि, ओलंपिक शुरू होने से एक दिन पहले भारतीय ओलंपिक संघ ने गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को 75 लाख रुपये देने का ऐलान किया है इसके साथ ही रजत पदक जीतने वाले एथलीटों के लिए 40 लाख और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 25 लाख रुपये दिए जाएंगे।

कुल मिलाकर, कोरोना काल में हो रहे इस ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों के दल से भारतीय प्रसंशकों को काफ़ी उम्मीदें हैं और सभी भारतीय अपने देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों की विजय हेतु जोरदार समर्थन के साथ ईश्वर से प्रार्थना भी कर रहे हैं, ऐसे में देखना है कि इस बार भारतीय खिलाड़ी देश की झोली में कितने पदक डाल पाते हैं.

Post a Comment

0 Comments