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मप्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को हटाए जाने की वायरल खबरों के बाद.. आखिरकार गृह मंत्री और प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा को देना पड़ा बयान.. इधर महापौर और नपाध्यक्ष का चुनाव पार्षदों से कराए जाने को लेकर असमंजस के चलते दावेदारों की नींद उड़ी ..

 मंत्री और प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा को देना पड़ा बयान..


भोपाल। मध्यप्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सोशल मीडिया पर कल से जबरदस्त उठापटक मची हुई है मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बदले जाने से लेकर उनके स्थान पर बीडी शर्मा को मुख्यमंत्री बनाए जाने तथा 13 जून को उनकी शपथ ग्रहण होने जैसी खबरो के साथ शिवराज, सिंधिया, विजयवर्गीय को केंद्रीय मंत्री बनाए जाने की खबरें सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही है।



जिसके बाद आज प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा का बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को निराधार बताया है। श्री मिश्रा ने व्हाट्सएप पर वायरल हो रही खबरों की खिल्ली उड़ाते हुए यहां तक कह डाला है कि व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का वाइस चांसलर बनने के लिए किसी डिग्री की आवश्यकता नहीं होती। पार्टी प्रवक्ता श्री मिश्रा के बयान को यदि सही माना जाए तो कहा जा सकता है कि फिलहाल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी को कोई खतरा नहीं है।


 दरअसल कल दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारी नेताओं की बैठक खबरेंं सामने आई थी वहींं पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के दुबई दौरा को अधूरा छोड़ कर वापस लौटने की खबरेंं भी वायरल हुई थी। इसी के साथ सोशल मीडिया पर केंद्री मंत्रिमंडल का विस्ता मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश में फेरबदल की खबरें वायरल हो रही हैं। जिसमें शिवराज को मुख्य मंत्री पद से हटाकर केंद्रीय मंत्री या राज्यपाल बनाए जाने की अटकलेंं भी सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही थी। जिसके बाद आज पार्टी प्रवक्ता नरोत्ततम मिश्रा को सफाई देना पड़ी है।

निगम महापौर व नपा अध्यक्ष चुनाव पार्षदों से कराने को लेकर भी संशय भरा माहौल..
सागर से कल ही सोशल मीडिया पर मध्य प्रदेश के नगरीय निकाय मंत्री भूपेंद्र सिंह के हवाले से प्रदेश में आगामी नगरी निकाय चुनाव के दौरान महापौर तथा अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों के जरिए कराए जाने की खबर वायरल हुई थी जिससे प्रदेश भर में सीधे जनता के द्वारा अध्यक्ष महापौर बनने का ख्वाब देखने वाले नेताओं को तगड़ा झटका लगता नजर आया था।



 हालांकि रात होते-होते मंत्री जी के मीडिया प्रभारी द्वारा इस तरह की किसी भी अधिकृत घोषणा का खंडन करते हुए सफाई दी गई थी कि सरकार की पहली प्राथमिकता कोविड-19 से निपटना है। इसके बावजूद भाजपा के अध्यक्ष महापौर पद के दावेदार नेताओं के दिमाग में इस बात का संशय अभी तक बना हुआ है सरकार कहीं पार्षदों के जरिए अध्यक्ष महापौर चुनने की तैयारी तो नहीं कर चुकी है। पिक्चर अभी बाकी है

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