पथरिया की लखरोनी पंचायत में गड़बड़ी की जांच करने पहुचे लोकपाल की टीम औपचारिकताए पूरी करके वापिस लौटी.. इधर रिश्वत की मांग का ऑडियो वायरल होने के बाद.. खजरी पंचायत के रोजगार सहायक की सेवाए समाप्त..

 जांच की औपचारिकताये पूरी करके लौटे लोकपाल..

दमोह। जिले में पंचायती राज व्यवस्था तहत सातों जनपदों में निर्माण कार्यो से लेकर गुणवत्ता तथा योजनाओं के संचालन के हाल बेहाल बने है। जिससे जिला पंचायत से लेकर सभी जनपदों के सीईओ तक अच्छे से वाफिक है। इधर जनपद जिला पंचायत के उपयंत्रियों की मेहरवानी से पास होने वाले आधे अधूरे कार्यो के भरपूर बिल व मशीनों के कार्यो का मस्टर के जरिए भुगतान की स्थिति भी किसी से छिपी नहीं है। वहीं अधिकांश पंचायत सचिवों से लेकर सरपंचों तथा रोजगार सहायकों की कार्यप्रणाली का बखान करने के लिए यह पेज ही कम पड़ जाएगा।

 फिलहाल यहां हम बात कर रहे है पथरिया जनपद की लखरौनी ग्राम पंचायत में हुए करोड़ों के कार्यो के गड़बड़झाले से जुड़ी 19 बिंदुओं की शिकायतों की। जिसकी जांच करने के लिए 23 सितंबर को सागर से लोकपाल के रूप में पूर्व टीआई के अग्रवाल अपनी टीम के साथ पथरिया पधारे थे। परंतु वह सरपंच के बिछाए मायाजाल में ऐसे उलछे कि घंटे भर में ही जांच की औपचारिकताए पूरी करके चलते बने। 


यहा जांच के नाम पर जो कुछ हुआ उसकी रूपरेखा पहले ही बनाई जा चुकी थी। लोभ लालच और दबाव धमकियों के चलते चार में से तीन शिकायतकर्ता लोकपाल टीम के सामने आने का साहस ही नही कर सके। वही जिस इकलौते शिकायतकर्ता ने हिम्मत दिखाई तो उसके जबाव में पहले से ही लोगो को मुंह बंद कराके तैयार कर लिया गया था। 

जिससे लोकपाल टीम जैसी आई वैसी ही घूम फिर कर वापिस लौट गई। लेकिन 19 बिंदुओं की वह जांच और उसका रिपोर्ट कार्ड बाकी है। जो जल्द ही एक एक करके सामने लाने के लिए हमारी टीम प्रयासरत है..

खजरी के रोजगार सहायक पर सेवा समाप्ति की गाज..

इधर पथरिया की खजरी ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक अरविंद पाठक को अपनी हटधार्मिता का परिणाम सेवा समाप्ति के आदेश से भुगतने का मामला भी 23 सितंबर को ही सामने है। दरअसल अरविन्द पाठक के विरूद्ध हितग्राही राजेश पांडे मेढ़ बंधान निर्माण में रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। जिस की जाँच उपरान्त अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी द्वारा प्रस्तुत जाँच प्रतिवेदन में अरविन्द पाठक द्वारा जॉच में सहयोग न करने एवं पूर्व सूचना उपरान्त भी स्थल पर उपस्थित न होने तथा जॉच कर्ता के समक्ष आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराये जाने का उल्लेख किया गया। 


इसी तारतम्य में उनसे पदीय कर्तव्यों में लापरवाही एवं अनियमितता के संबंध में चाहा गया स्पष्टीकरण का जबाव भी संतोषप्रद नहीं पाया गया। इधर मीडिया स्त्रोतों से अरविंद पाठक, ग्राम रोजगार सहायक के विरूद्ध एक आडियो टेप प्राप्त हुआ। जिसमें श्री पाठक हितग्राही श्री विजेन्द्र से मेढ़ बंधान कार्य कराने के लिये पैसों की मांग कर रहे है। 
पूर्व में भी श्री अरविंद पाठक तत्कालीन ग्राम रोजगार सहायक सेमरा लोधी के विरूद्ध मजदूरों के मस्टर जारी करने में अनियमितता एवं स्वेच्छाचारिता पूर्ण रवैया अपनाने के कारण कार्यालयीन आदेश के द्वारा इनकी संविदा सेवा अनुबंध समाप्ति का आदेश जारी किया गया था। किंतु कार्यालय कलेक्टर दमोह के पत्र द्वारा आंशिक रूप से सहमत होते हुये भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न करने की शर्त पर संविदा सेवा अनुबंध बहाल किया गया था।

उपरोक्त संदर्भ में स्पष्ट है कि श्री अरविंद पाठक के द्वारा अपनी संविदा सेवा अनुबंध की शर्त कमांक 05 (यदि सेवा के दौरान संविदा ग्राम रोजगार सहायक कोई दुराचार में संलिप्त पाया जाता है तो उसे प्रावधानानुसार सेवा से पृथक किया जा सकता है) एवं शर्त कमांक 06 (संविदा ग्राम रोजगार सहायक विहित कर्तव्यों एवं जिम्मेवारियों का निर्वहनध्संपादन पूर्ण ईमानदारी, कर्तव्यपराणता, क्षमता तथा योग्यता के साथ अनुशासन में रहकर विनम्रता से एवं पूर्ण समय की पाबंदी के साथ कर्मियी, वरिष्ठ अधिकारियों, नियोक्ता के साथ अच्छे एवं मधुर संबंध होना बांछनीय होगा) का बार-बार उल्लंघन किया जाता रहा है।

भ्रष्टाचार तथा स्वेच्छाचारिता इनकी कार्य शैली का एक आवश्यक अंग बन गया है जिससे वरिष्ठ कार्यालय की छवि धूमिल हो रही है। अतः श्री अरविंद पाठक, ग्राम रोजगार सहायक ग्राम पंचायत खजरी का संविदा सेवा आज दिनांक 23 सितंबर को संविदा सेवा शर्तों का पालन न किये जाने के कारण समाप्त किया जाता है। कण्डिका 17 के तहत् नियुक्ति व सेवा समाप्ति से व्यथित अभ्यर्थी मुख्य कार्यपालन अधिकारीध्अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक, जिला पंचायत को 30 दिवस की अवधि में अपील प्रस्तुत कर सकेगा। उक्त आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। पिक्चर अभी बाकी है..

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