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सितंबर के 16 वे दिन कोरोना केस बारह सौ पार.. नए 55 मरीजो में से 23 पुराने वालो से संबद्ध.. इधर 13 मरीजों ने जीती कोरोना की जंग.. एक महिला की इलाज के दौरान सांसे थमी.. शहरी मरीजों को होम आइसोलेशन की सुविधा शुरू..

 55 नए मरीज मिले, 13 ने जीती कोरोना की जंग
दमोह। जिले में कोरोना का संक्रमण लगातार जारी है सितंबर के 16 वे दिन 55 नए केस सामने आए हैं जिनमें से 23 पुराने कांट्रैक्ट्स वालों से जुड़े हुए हैं। इन 55 मरीजों को मिलाकर जिले में टोटल केस 1215 हो गए हैं। इधर 13 योद्धाओं ने आज कोरोना की जंग जीत कर घर वापसी की है जिससे स्वास्थ्य होने वाले मरीजों की संख्या 735 हो गई है। जबकि 332 मरीजों के सैंपल की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
 इधर शहर के मल्लपुरा क्षेत्र निवासी एक 55 वर्ष की महिला की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो जाने पर प्रशासनिक दिशा निर्देशों के अनुसार बुधवार शाम अंतिम संस्कार कराया गया है। बताया जा रहा है कि कल इस महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। दमोह जिले में बढ़ते मरीजों को देखते हुए मप्र सरकार के निर्देश पर अब दमोह जिले में भी शहरी मरीजों को होम आइसोलेशन की सुविधा शुरू कर दी गई है।
आज 13 कोरोना योद्धा हुये डिस्चार्ज..
दमोह जिले के लिए अच्छी खबर है कि आज 13 कोरोना योद्धा अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति व बुलंद हौसले के साथ कोरोना को हरा कर अपने घरों की ओर रवाना हुये। आज बटियागढ़ कोविड केयर सेंटर से 01, डीसीएससी वार्ड दमोह से 03, पथरिया कोविड केयर सेंटर से 06, तेंदूखेड़ा कोविड केयर सेंटर से 01 एवं हटा कोविड केयर सेंटर से 02 कोरोना योद्धा स्वस्थ्य होकर अपने घर को रवाना हुये। इस प्रकार आज 13 कोरोना योद्धाओं को डिस्चार्ज किया गये।
55 नए मरीजों में से 23 पुराने संपर्क वाले.. 
दमोह जिले में 16 सितंबर को 55 पॉजिटिव केस सामने आए हैं, इसमें से 23 मरीज प्राथमिक रूप से प्राईमरी कान्टेक्ट में से हैं, इनमे मेल 44 तथा फीमेल 11 मरीज हैं। फीमेल मरीज 27 से 85 वर्ष तथा मेल मरीज 17 से 79 वर्ष के बीच के हैं। यह मरीज ग्राम सिमरीकिरत से 01, दमेाह से 01, जबेरा से 04, मागंज वार्ड 02 से 02,  किल्लाई नाका से 01, वैशाली नगर दमोह से 01, सिविल वार्ड नं 06 से 01, खजरी मुहल्ला दमोह से 01, बकायन से 01, हिरदेपुर से 01, चडीजी वार्ड हटा से 01, पटेरा से 02, हटा से 01, पथरिया से 01, मोरगंज फाठक पुरानी गल्ला मंडी से 01, मागंज वार्ड 03 से 01, नयाबजार जबेरा से 02, वार्ड नं 06 पथरिया से 02, वार्ड नं 15 पथरिया से 03, वार्ड नं 09 पथरिया से 01, वार्ड नं 02 पथरिया से 01, वार्ड नं 11 पथरिया से 01, वार्ड नं 12 पथरिया से 01, वार्ड नं 01, पथरिया से 01, वार्ड नं. 15 से 01, रजवास से 01, डिगसर से 01, हिण्डोरिया से 01, फ्रोफेसर कॉलोनी दमोह से 01, वार्ड नं. 10 पटेरा से 01, टण्डन बगीचा दमोह से 01, बनगांव से 01, विवेकानंद नगर दमोह से 01, सुभाष वार्ड हटा से 01, मुरली मनोहर वार्ड हटा से 01, कमला नेहरू वार्ड हटा से 01, सजंय वार्ड हटा से 01, आनू से 01, बांदकपुर से 01, अभाना से 01, पुलिस लाईन से 02, मेहता बगीचा से 01, इमलाई से 01, एसपीएम नगर दमोह से 01, पुराना थाना से 01 मरीज है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉं तुलसा ठाकुर ने दी।
शहरी मरीजों को होम आइसोलेशन की सुविधा शुरू
 मप्र सरकार के निर्देश पर अब दमोह जिले में भी होम आइसोलेशन की सुविधा शुरू हो गई है। यानि अब अपने ही घर में रहकर एक सुरक्षित और पृथक कमरे में संक्रमित व्यक्ति अपनी देखरेख कर पाएगा। मरीज के स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए जिला स्तर पर एक डिस्ट्रिक कोविड कंट्रोल कमाण्ड सेंटर बनाया गया है जहां बैठे चिकित्सक वीडियो कॉल के माध्यम से दिन में दो बार मरीज से रूबरू होंगे। इस दौरान मरीज का ऑक्सीजन लेबिल और शरीर का तापमान जांचा जाएगा। जिले में शुरू हुई होम आइसोलेशन की सुविधा से फिलहाल  17 मरीज जुड़ चुके हैं जिन्हें घर में ही रखकर उनका इलाज किया जा रहा है।
इन शर्तों पर ही मिलेगी होम आइसोलेशन की सुविधा
सरकार के निर्देश पर यह सुविधा जिले में प्रारंभ हो गई है लेकिन होम आइसोलेशन के लिए सभी मरीज पात्र नहीं होंगे। होम आइसोलेशन की सुविधा सिर्फ उन मरीजों को मिलेगी जो शहरी क्षेत्रों से हैं जिनके पास घर पर ही अटैच टायलेट सहित एक पृथक हवा और रोशनीयुक्त कमरा मौजूद है। ऐसे मरीज जिनकी आयु 60 साल से कम है और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएं जैसे बीपी, डायबिटीज, हृदय, किडनी आदि से जुड़े रोग नहीं है। होम आइसोलेट कर रहे मरीजों को अलग कमरे में रहना होगा। उनके खाने के बर्तन एवं कपड़े भी अलग होंगे जिसे वह स्वयं इस्तेमाल कर धोएगा। मरीज के स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए उसे एक कोविड किट भी दी जाएगी जिसमें दवाएं और निर्देश होंगे। इसके साथ ही मरीज को अपना ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर रखना होगा। प्रतिदिन दिन में दो बार जब डॉक्टर उनसे बात करेंगे तब वे वीडियो कॉल पर ही अपना ऑक्सीजन लेबिल और तापमान चैक कराएंगे।  लक्षण मिलते ही या संदेह होते ही तुरंत जांच कराएं।
 ये लक्षण इस प्रकार हैं-सर्दी, जुकाम, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, स्वाद और गंध का चला जाना, कई बार कोई लक्षण नहीं मिलता, शरीर का ऑक्सीजन लेबिल जांचते रहें और संदेह होने पर कम से कम 5 दिन आइसोलेट हो जाएं। 5 दिन तक आइसोलेट होने पर 90 फीसदी लोग इसके कैरियर नहीं रह जाते।

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