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होली के पहले मप्र में सियासी पारा चढ़ा.. कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह के इस्तीफे और बिसाहू लाल साहू की गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद.. भाजपा के तीन विधायक मुख्यमंत्री से मिलकर लौटे.. रामबाई के बुंदेली मेला में CM कमलनाथ का आगमन टला..

  होली के पहले भाजपा-कांग्रेस के बीच सियासी घमासान
भोपाल। मप्र में होली के पहले भाजपा-कांग्रेस के बीच राज्यसभा मैं प्रदेश से अपने दो प्रत्याशियों को दिल्ली भेजने के लिए शुरू हुई "आया राम गया राम" की सियासी चाल गुरुवार को चरम पर पहुंच चुकी है। इसके बावजूद दोनों दलों के बड़े नेता चुप्पी साधे हुए अपने मोहरे फिट करके "शह और मात" की बाजी बिछाने में जुटे हुए हैं। कांग्रेस से नाराज विधायक हरदीप सिंह के स्तीफ के बाद भाजपा के नाराज विधायक नारायण त्रिपाठी के स्तीफे की खबर भी आई थी। बाद में उन्होंने इसका खंडन कर दिया सोचा ना था तो मुख्यमंत्री से मिलने जरूर गए थे लेकिन नहीं दिया। इधर पथरिया में चल रहे विधायक रामबाई के बुंदेली मेला में 6 मार्च को मुख्यमंत्री का पहुचना टल गया है। जबकि डांसर सपना चैधरी व गायक दिलवाग सिंह पथरिया पहुच रहे है।
गुरुवार सुबह बसपा विधायक रामबाई द्वारा कमलनाथ के साथ होने परंतु कांग्रेस सरकार की गारंटी नहीं होने के साथ दिग्विजय सिंह के खरीद-फरोख्त वाले मामले में भाजपा को जहां क्लीन चिट देने की कोशिश की थी। वहीं बसपा के दूसरे विधायक संजीव कुशवाहा यह कहने से नहीं नहीं चूके थे कि कमलनाथ सरकार अपने अंतर्विरोध के कारण गिर सकती है। 
राजनीतिक विश्लेषकों ने इन दोनों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया था परंतु शाम होते होते मंदसौर जिले के हरदीप सिंह डंग इस्तीफा इस्तीफा सोशल मीडिया पर वायरल होते ही सियासी गलियारों में हड़कंप के हालात बन गए थे इधर विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति द्वारा व्यक्तिगत रूप से बिना मिले दिए गए इस्तीफे को मानने से इंकार कर दिया था।

कांग्रेसी विधायक हरदीप सिंह डंग की पार्टी में उपेक्षा के आरोपों को लेकर दिए इस्तीफे की खबर अभी सुर्खियां में ही थी कि अचानक कांग्रेसी विधायक बिसाहू लाल साहू के लापता होने के बाद उनके गुमशुदगी की रिपोर्ट उनके बेटे द्वारा भोपाल में दर्ज कराए जाने की खबर भी सुर्ख़ियों में आ गई बताया जा रहा है कि कांग्रेस समर्थक चार विधायक अभी भी लापता है जिनमें इन दोनों के अलावा रघुराज कंसाना और कांग्रेस को समर्थन कर रहे सुरेंद्र सिंह शेरा के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। 
सूत्रों का कहना है कि चारों विधायक भाजपा के संपर्क में होने के साथ बेंगलुरु में है। जबकि जिन चार विधायकों को भाजपा के कथित चुंगल से दिल्ली से मुक्त कराकर भोपाल लाया गया था। वह भी अब दिग्गी राजा की जगह भाजपा की भाषा बोलते नजर आ रहे हैं।
भाजपा के 3 से 5 विधायक मुख्यमंत्री से मिलकर लौटे ..!
गुरुवार रात भाजपा के 3 से 5 विधायकों के सीएम हाउस पहुंचने की खबर के बीच पूर्व में भाजपा को झटका दे चुके मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी के स्तीफे की खबर भी सामने आई। बताया जा रहा है कि इस स्तीफे के जरिए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह की भरपाई करने की कोशिश में थे। लेकिन बाद में श्री त्रिपाठी ने स्वयं सामने आकर अपने स्टीफ़े का खंडन कर दिया।
 इधर मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में ब्यौहारी विधायक शरद कोल व पूर्व मंत्री व पूर्व में कांग्रेस में रह चुके संजय पाठक के अलावा दो अन्य भाजपा विधायकों के नाम सामने आए हैं। इस मुलाकात के बाद संजय पाठक की मुख्यमंत्री आवास से निकलती गाड़ी तथा मीडिया से चेहरा छुपाती वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
 इसके पूर्व भाजपा विधायक संजय पाठक की सिहोरा की आयरन खदानों को सील किए जाने तथा पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक भूपेंद्र सिंह को अतिक्रमण का नोटिस और पेशी की कार्रवाई को दबाव की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री और मंत्री 6 को नहीं पहुंचेंगे अब पथरिया
दमोह जिले के पथरिया में विधायक रामबाई के निर्देशन में 28 फरवरी से शुरू हुए बुंदेली मेला महोत्सव में 6 मार्च को डांसर सपना चौधरी और गायक दिलबाग सिंह जलवा बिखेरने आ रहे हैं स्टूडेंट प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और नगरी प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह को भी आना था।
 लेकिन प्रदेश में जारी उठापटक भरे राजनीतिक माहौल में मुख्यमंत्री और उनके सहयोगी मंत्रियों का पथरिया बुंदेली मेला में शामिल होना कैंसिल हो गया है। हालांकि सपना चौधरी और दिलबाग सिंह 6 मार्च को दोपहर दमोह पहुंच रहे हैं। जहां वह दोपहर 3:00 बजे सर्किट हाउस में मीडिया से रूबरू होने के बाद पथरिया रवाना होंगे।
कुल मिलाकर होलाष्टक प्रारंभ होने के साथ पिछले 2 दिनों में जिस तरह से प्रदेश की राजनीति में उठापटक का दौर शुरू हुआ उसके नतीजे भले ही कुछ भी रहे लेकिन होलाष्टक के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता तथा होलाष्टक में होने वाले कार्य भस्मासुर के वरदान की तरह अर्थात होलिका दहन जैसे ही माने जाते हैं ऐसे में देखना होगा राज्यसभा चुनाव के पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच में चल रहे शह और मात के खेल में आया राम और गयाराम का दौर प्रदेश की राजनीति में क्या गुल खिलाता है। फिलहाल होली के पहले भाजपा समर्थकों के चेहरे जहां खेले हुए हैं वही कांग्रेस समर्थकों के मुखडे फूले फूले से नजर आने लगे हैं। अटलराजेंद्र जैन

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