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गांधीजी के प्रपोत्र एवं गांधी विचारक संग ग्राम स्वराज पदयात्रा की गांधी गुरूद्वारे से गांधी प्रतिमा तक धूम.. केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल का स्वागत करने लगी होड़.. एक पूर्व मंत्री पुत्र चारों दिन सक्रिय दूसरे नजर नहीं आए..

केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल का स्वागत करने लगी होड़
दमोह संसदीय क्षेत्र के अनंतपुरा से आरंभ हुई केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री प्रहलाद पटेल की चार दिवसीय ग्राम स्वराज पदयात्रा का समापन पूरी तरह से गांधी मय रहा। राष्ट्र पिता महात्मा गांधी की 150 जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आव्हान पर निकाली गई इस पदयात्रा में प्रसिद्ध गांधी वादी विचारक पीवी राजगोपाल से लेकर गांधीजी के प्रपोत्र श्रीकृष्ण कुलकर्णी तक शामिल हुए। वहीं अंतिम चरण में यात्रा दमोह के गांधी गुरूद्वारे से होते हुए गांधी प्रतिमा स्थल पहुंची। इस दौरान रास्तें में जगह जगह गांधी पथधारी दमोह सांसद केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल को स्वागत करने के लिए सभी वर्ग समुदाय और संगठनों के बीच होड़ देखने मिली।
ग्राम स्वराज पदयात्रा में शामिल हुए गांधीवादी चिंतक और विचारक राजगोपाल ने यात्रा को अद्भुत बताते हुए कहा कि कार्यकर्ता क्लास रूम में नहीं सड़क पर बनते हैं, यह बात गांधी जी के बाद एक बार फिर प्रहलाद पटेल ने साबित की है। इधर यात्रा में शामिल होने आए गांधी जी के प्रपोत्र श्रीकृष्ण कुलकर्णी का कहना था कि श्रद्धांजलि के साथ कार्यान्जली भी हो तो यह गांधी जी के प्रति सच्ची श्रद्धा होगी।
 केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल की ग्राम स्वराज पदयात्रा का समापन बजरिया वार्ड स्थित हरिजन बस्ती के उसी गुरूद्वारे में स्थापित गांधी प्रतिमा पर हुआ जिसकी आधारशिला 2 दिसंबर 1930 को स्वंय महात्मा गांधी ने रखी थी। महात्मा गांधी ने इसके लिए 7 हजार 811 का चंदा ए​कत्रित किया था, तथा अपनी ओर से इसके निर्माण के लिए 200 रूपये का योगदान भी किया था। बाद में यात्रा में शामिल कार्यकर्ता जटाशंकर स्थित रानी अवंती बाई की प्रतिमा पहुंचे जहां केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने माल्यार्पण के साथ यात्रा के समापन की औपचारिक घो​षणा की।
 यात्रा के समापन पर केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने सभी पथिक साथियों का आभार जताते हुए कहा कि यात्रा शुरू करते समय इसके परिणामों का अनुमान नहीं किया था लेकिन जिस तरह लोग साथ आते गए उससे लगता है कि यह अभियान आगे भी जारी रखे जाए। प्रहलाद पटेल में यात्रा में शामिल रहीं महिला कार्यकर्ताओं को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया, उन्हें चरखे की प्रतिकृति भेंट स्वरूप प्रदान की गई। कार्यक्रम का सफल संचालन भाजयुमो आयाम प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक मनीष सोनी व ग्राम स्वराज पद यात्रा के जिला प्रभारी राजेन्द्र गुरु के द्वारा व्यक्त किया गया।

 समापन अवसर पर सागर सांसद राजबहादुर सिंह, पूर्व मंत्री जयंत मलैया व जालम सिंह पटेल, विधायक पीएल तंतुवाय, धर्मेंद्र सिंह लोधी, पूर्व विधायक विजय सिंह राजपूत, सोना बाई, नारायण कबीर पंथी, भानु राणा, उमा देवी खटीक, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हेमंत छाबड़ा, नरेंद्र व्यास, जिलाध्यक्ष देव नारायण श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल, नगरपालिका अध्यक्ष मालती असाटी, युवा नेता अभिषेक भार्गव, ओलाक गोस्वामी, अनुपम सोनी, प्रीतम चौकसे, गुड्डू पटेल, मोंटी रैकवार सहित अनेक जन प्रतिनिधि यों, गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी रही।
नगर में जगह जगह किया गया स्वागत-
 यात्रा समापन पर रोटरी क्लब द्वारा पौधे भेंट करके श्री पटेल का स्वागत किया गया। लघु व्यापारी संघ द्वारा टाकीज तिराहे पर, जैन पंचायत के द्वारा कैलाश भंडार के सामने, युवा व्यापारी संघ द्वारा घंटाघर पर भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा द्वारा अंबेडकर चौक पर स्वागत अभिनंदन किया गया।
गांधी यात्रा मार्ग पर रौपे गए दो हजार से अधिक पौधे
गांधीग्राम अनंतपुरा से आरंभ हुई केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल की ग्राम स्वराज पदयात्रा के दौरान दमोह तक के करीब 87 किलोमीटर के यात्रा मार्ग पर दो हजार से अधिक पौधे रोपे गए हैं जिनकी देखभाल की जिम्मेदारी प्रहलाद पटेल ने ग्रामीणों को दी है तथा कहा है कि वह इन पौधो का विकास देखने के लिए फिर आएंगे और जहां पौधे पनप नहीं पाएंगे वहां दोबारा पौधारोपण करेंगे।
एक पूर्व मंत्री पुत्र पूरे समय सक्रिय दूसरे का पता नहीं
ग्राम स्वराज पदयात्रा के दौरान एक पूर्व मंत्री के पुत्र और युवा नेता जहां चारों दिन सक्रियता के साथ सह भागिता दर्ज कराते नजर आए वहीं दूसरे पूर्व मंत्री के पुत्र का एक भी दिन नजर नहीं आना चर्चा का विषय बनता रहा। हम बात कर रहे है पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव एवं जयंत मलैया की राजनीतिक विरासत की कमान सम्हालने सक्रिय हुए उनके नेता पुत्रों की। श्री पटेल की ग्राम स्वराज या़त्रा के दौरान दोनों पूर्व मंत्रियों की निरंतर मौजूदगी के साथ नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के पुत्र अभिषेक भार्गव पद यात्रा में चारों दिन अपनी टीम के साथ सक्रियता के साथ कदम से कदम मिलाते युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रौत बने रहे। वहीं दीपू भार्गव के आंगे पीछे भूरा गैंग की चहल कदमी भी चर्चा का विषय बनी रही।
 पूर्व मंत्री जयंत मलैया के सुपुत्र सिद्धार्थ मलैया के यात्रा के अंतिम दिन जब शहर के प्रमुख मार्गो से यात्रा निकल रही थी तब भी अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। सिद्धार्थ मलैया ने केंद्रीय मंत्री श्री पटेल की पद यात्रा से किस कारण से अपने आप को अलग रखा इसका फिलहाल पता नहीं लग सका है।   अटलराजेंद्र जैन की रिपोर्ट

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