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मानसून के दौर में लगी ज्ञापनों की झड़ी.. मप्र शिक्षक संघ ने 21 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन करके CM के नाम ज्ञापन सौंपा.. सहायक सचिव संगठन ने 3 सूत्रीय मांगों तथा विहिप बजरंग दल ने गोचर भूमि को कब्जा मुक्त कराने ज्ञापन सौंपा..

शिक्षक संघ ने CM के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
दमोह। सहायक षिक्षक, षिक्षक, नवीन षिक्षक संवर्ग, प्रधानाध्यापक, व्याख्याता एवं प्राचार्यो की उचित मागों के निराकरण को लेकर मध्यप्रदेष षिक्षक संघ द्वारा 21 सूत्रिय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर महोदय दमोह को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान नारेवाजी के साथ प्रदर्शन करते हुए शिक्षक संघ के पदाधिकारी व सदस्य कलेक्टोरेट कार्यालय पहुंचें। जहां कलेक्टर के प्रतिनिधि को डिप्टी कलेक्टर नारायण सिंह को मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। 
ज्ञापन में शिक्षकों की लंबित 21 सूत्रीय मांगों में पदनाम परिवर्तन वर्तमान षासन के वचन पत्रानुसार एक ही पद पर 30-35 वर्षो से सेवा दे रहे योग्यताधारी सहायक षिक्षक, षिक्षक, प्रधानपाठक, व्याख्याता एवं प्राचार्यो को अपग्रेड करके पद नाम दिया जावें। (इससे षासन पर कोई वित्तीय भार नही होगा।) साथ ही एक षाला एक परिसर की व्यवस्था से पदोन्नतियां प्रभावित होगी। अतः इसकी व्यवहारिक उपयोगिता पर पुनः विचार हो। प्रधानपाठक (मा.वि.) को व्याख्याता के समकक्ष मानते हुए हाई स्कूल प्राचार्य पद पर पदोन्नत किया जावें, साथ ही समस्त माध्यमिक विद्यालय में प्रधानपाठक का पद (छात्र संख्या के बंधन बिना) सृजित किया जावें, जिससे पदोन्नतियों का मार्ग प्रषस्त होगा।
 अध्यापक संवर्ग में षामिल षिक्षा कर्मी, गुरूजी, संविदा षिक्षक को प्रथम नियुक्ति दिनंक से तत्समयानुसार नियमित वेतनमान का लाभ एवं वरिष्ठता का निर्धारण कर पुरानी पेंषन योजना का लाभ दिया जायें साथ ही दोनों विभागों में राज्य षिक्षा सेवा केडर में संविलयन किए गए अध्यापक संवर्ग को 1994 के मूल षिक्षा विभाग के समान समस्त सुविधाऐं जैसे पेंषन, ग्रेच्युटी, बीमा का लाभ दिया जावें। हाई स्कूलों एवं हाॅयर सेकेण्डरी विद्यालयों में षासन आदेष क्रमांक 27-2/2013/20/2 दिनंाक 11.03.2013 अनुसार व्याख्याता/उच्च माध्यमिक षिक्षा की पद संरचना है, इस आदेष को निरस्त कर पूर्व पद संरचनानुसार उच्च श्रेणी षिक्षक/माध्यमिक षिक्षक की पद पूर्ति की जावें। व्याख्याता को प्रथम क्रमोन्नत/वरिष्ठ/समयमान मंे ग्रेड-पे रुपये 5400, द्वितीय क्रमोन्न्त/समयमान में ग्रेड-पे रुपये 6600 तथा तृतीय क्रमोन्नत/समयमान में ग्रेड-पे रुपये 7600 दी जावंे। स्कूल षिक्षा विभाग मंे नित नये-नये प्रयोग विभाग के अधिकारियों द्वारा किए जा रहे है इस पर अंकुष लगाने हेतु छत्तीसगढ़ के समान एक स्वतंत्र षालेय षिक्षा आयोग का गठन हो, तब तक षालेय षिक्षा व्यवस्था एक ही मंत्रालय के अधीन की जावें। 
अन्य विभागों के समान षिक्षकों को भी सातवें वेतनमान के अनुरूप 2016 से तीन प्रतिषत गृह भाड़ा, चिकित्सा, आवास एवं अनुसूचित क्षेत्र भत्ता दिया जावें, साथ ही षिक्षकों के पुत्र, पुत्रियों को उच्च षिक्षा में प्रवेष लेने पर षुल्क प्रतिपूर्ति षासन द्वारा की जावें। मध्यप्रदेष में भी छत्तीसगढ़ के समान व्याख्याता से षत्-प्रतिषत (10$2) प्राचार्य पद पर पदोन्नति की जावें। (छत्तीसगढ़ में पदोन्नत प्राचार्य हाई स्कूल या हायर सेकेण्डरी में कही भी पदस्थ हो सकते है) साथ ही राज्य षिक्षा सेवा में सहायक संचालक के पद पर सीधी भर्ती के स्थान पर षत्-प्रतिषत पदोन्नतियां प्राचार्य पद से की जावें। षिक्षकों को गैर षिक्षकीय कार्य जैसे बी.एल.ओ. सहित से मुक्त रखने का आदेष जिला कलेक्टर से पालन कराया जावें, साथ ही अवकाष दिवसों मंे प्रषिक्षण नही रखा जावें। या षिक्षक संवर्ग को नानबेकेषनल घोषित किया जावें। वर्ष 2007 में अध्यापक केडर में सम्मिलित हुए षिक्षाकर्मी वर्ग-1 एवं वर्ग-2 को दो-दो तथा वर्ग-3 को तीन अतिरिक्त वेतनवृद्धि उनकी सेवा अवधि के आधार पर दी गई है उस लाभ को छठवें वेतनमान मं भी 2016 से दिया जावें तथा परिवार नियोजन में प्राप्त हो रही विषेष वेतनवृद्धि का लाभ भी दिया जावें।
 चाईल्ड केयरलीव के स्थान पर फेमिली केयरलीव दी जावें एवं पितृत्व एवं मातृत्व अवकाष के समान आश्रित परिजनों की मृत्यु पर 15 दिन का संवेदना अवकाष दिया जावें। वचनपत्र के अनुसार सहायक षिक्षक, षिक्षक, प्रधानाध्यपक, व्याख्याता एवं प्राचार्य को चार स्तरीय 8, 16, 24, 32 वर्ष की सेवा पर क्रमोन्नत/समयमान वेतन दिया जावें। अर्जित अवकाष 15 दिन के लिए कलेक्टर एवं 16 से 30 दिन तक के लिए आयुक्त के आदेष की अनिवार्यता का आदेष निरस्त कर पूर्ववत् व्यवस्था बहाल की जावें, साथ ही वर्ष में 10 दिन अर्जित अवकाष एवं अनुसूचित क्षेत्र में 10 दिन का विषेष अर्जित अवकाष भी दिया जाता था, उक्त अवकाष की पात्रता को भूतलक्ष प्रभाव से समाप्त किया है, उसे यथावत् मान्य किया जावें। षिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष की जावें साथ ही अनुकंपा नियुक्ति में डी.एड./बी.एड. एवं पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त की जावें इस अनिवार्यता के कारण लंबित अध्यापक, षिक्षक संवर्ग के आश्रितों को यथाषीघ्र अनुकंपा नियुक्तियां दी जावें। स्वयं के व्यय पर डी.एड./बी.एड. करने वालें षिक्षकों को दो वेतनवृद्धि का लाभ 1999 तक मान्य किया गया है इसे वर्तमान तक लागू किया जावें। 
षिक्षा, षिक्षक एवं षिक्षण संस्थाओं से संबंधित स्कूल षिक्षा विभाग के समस्त आदेष निर्देष आदिमजाति कल्याण विभाग में तत्समय प्रभावी करने की व्यवस्था निर्मित की जावें। छठवें वेतनमान की विसंगतियों को दूर किया जावें, साथ ही डी.पी.एड. योग्यता प्राप्त प्राथमिक षिक्षक को हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पदस्थ किया जावें साथ ही व्यायाम अध्यापक को पोर्टल पर अपडेट कर राज्य षिक्षक सेवा संवर्ग में नियुक्ति दी जावें। उच्च माध्यमिक षिक्षकों एवं माध्यमिक षिक्षकों को अध्यापक संवर्ग में दिनंाक 01.07.2018 को 12 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर संभाग एवं प्रदेष स्तर से क्रमोन्नति आदेष जारी किया जावें। लंबे समय से प्रदेष की षिक्षा व्यवस्था में अतिथि षिक्षकों की सेवा के लिए उनके मानदेय में वृद्धि करते हुए उनके नियमितिकरण पर विचार किया जावें, साथ ही प्रत्येक हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी में कम्प्यूटर कार्य के लिए संविदा डाटा आॅपरेटर नियुक्त किया जावें। षिक्षकों के लंबित पदोन्नतियां सषर्त, न्यायालय के निर्णय के अधीन षीघ्र की जावें जिससे सेवा निवृत्ति के पूर्व षिक्षकों को इसका लाभ मिल सके। तथा राष्ट्रपति एवं राज्यपाल द्वारा पुरस्कार प्राप्त षिक्षकों को पारीवाहर पदोन्नतियां अविलंब दी जावें। अनुदान प्राप्त षिक्षण संस्थाओं के षिक्षकों को महाविद्यालयीन प्राध्यापकों के समान पेंषन एवं ग्रेच्युटी का लाभ दिया जावें साथ ही ऐसी अषासकीय षिक्षण संस्थाऐं जो मान्यता के मापदण्डों की पूर्ति करते है उनको स्थायी मान्यता प्रदान की जावें। समूह बीमा राषि की मासिक कटोती बढ़ाकर रूपये 200 के स्थान पर 500 रुपये एवं 400 रुपये के स्थान पर 800 रुपये की जावें। 
अतः उक्त मांगों के षीघ्र निराकरण हेतु संघ अनुरोध करता है। यदि 15 दिवस में मांगों का निराकरण नहीं होता है तो मध्यप्रदेष षिक्षक संघ अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में प्रदेष की राजधानी भोपाल में विषाल धरना आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसके लिए षासन प्रषासन जिम्मेदार होगा। इस मौके पर कमल सिंघई, पारस कुमार जैन, प्रमेन्द्र कुमार जैन, प्रदीप अग्रवाल, एलपी चैरसिया, भागचंद जैन, केएस पाली, देवीप्रसाद षर्मा, देवेन्द्र जैन, रमेष व्यास, षिवषमिन पाठक, धमरचंद जैन, कमलेष सेन, रामकृपाल अठ्या, महेष सोनी, विनयमोहन मिश्रा, पीेके जैन, षरद तिवारी, एमके खरे, देवीलाल पटेल, हेमराज नेताम, धनष्याम ठाकुर, सुरेन्द्र जैन, रामनारायण तिवारी, बसंत श्रीवास्तव, महेन्द्र जैन, लीला राजपूत, चंपा जैन, पुष्पलता जैन, दीपमाला जैन, रजनी जाटव, अनिल जैन, प्रेमसिंह ठाकुर, आरिफ अंजुम, राकेष श्रीवास्तव, राकेष हजारी, सुरेन्द्र सिकरी, सुरेष जैन, गनेष दुबे, गगन कनौजे, आरबी सिंह, हरपाल सिंह राजपूत सहित सैकड़ो षिक्षकों की मौजूदगी रही। अंत में आभार प्रदर्षन संघ के जिला सचिव प्रदीप अग्रवाल ने माना।
सहायक सचिव संगठन ने की कार्य विभाजन की मांग
दमोह। सहायक सचिव संगठन जिला दमोह द्वारा जटाशंकर धाम में संगठन की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले की सभी 7 जनपदो के जनपद अध्यक्ष एवं सभी सहायक सचिवों की उपस्थिति में सर्वे सम्मति से मुकेश सिंह लोधी ग्राम पंचायत इमलिया घाट जनपद पंचायत दमोह को जिला कार्यकारिणी में कार्यवाहक जिला अध्यक्ष चुना गया। एवं सहायक सचिवों की समस्याओं से संबंधित जिला पंचायत सीईओ दमोह एवं स्थानीय विधायक राहुल सिंह को ज्ञापन सौंपा गया।
 जिसमें उक्त मांगे ग्राम पंचायतों में सचिवों एवं सहायक सचिवों के मध्य कार्यो का विभाजन, विगत 4 माहों से वेतन ना मिलने के संबंध में, विधान सभा चुनाव के दौरान दिये गये वचन पत्र क्रमांक 7 में संविदा सहायक सचिवों का नियमिति करण के स्मरण के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष वीर सिंह लोधी, मुकेश सिंह लोधी, राजाराम सिंह, लोधी, सुधीर खरे, अर्जन पटैल, नीरज पटैल, हेमन्त पटैल, कमलेश, रामकिशन, स्नेहलता और बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही। 
गौचर भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे को हटाने सौंपा ज्ञापन
दमोह। अवैध कब्जा हटाने विश्व हिन्दु परिषद बजरंग दल बांसा तारखेड़ा के कार्यकर्ताओं द्वारा तहसीलदार महोदया एवं अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। विभाग मंत्री श्रीराम पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम बांसा में शासकीय गौचर भूमि पर सामुदाय विशेष द्वारा कब्जा कर प्लाॅट बेच रहे है एवं जगह जगह पर दफनाने एवं प्लाटिंग का काम किया जा रहा है जिसका शासकीस अभिलेखन में कोई रिकार्ड दर्ज नहीं है एवं शासकीय गौचर भूमि की जगह पर जबरदस्ती कब्जा कर रहे है। जहां विश्व हिन्दु परिषद बजरंग दल एवं समस्त ग्राम वासियों द्वारा भूमि पर से अतिशीघ्र अतिक्रमण हटाने की मांग की है। इस मौके पर नरेन्द्र जैन जिलामंत्री, रवि ठाकुर, रजित जैन, शम्भू विश्वकर्मा, सौम्य सोनी, अभय रजक, जगत यादव, दीपक ठाकुर, दीपक रजक, राहुल सेन, महेन्द्र पटेल, गौरव नामदेव, देवेन्द्र ठाकुर साहित समस्त कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रहीं।

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