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हाई कोर्ट में जवाब देने के पहले जेसीबी लेकर पहुंचा पालिका प्रशासन का अमला.. पथरिया फाटक ओवरब्रिज के नीचे दोनों साइड से हटाए गए पुराने मकानों के आगे बढे कब्जे..

 पथरिया फाटक ओवरब्रिज के नीचे से हटाए अवैध कब्जे
दमोह। पथरिया फाटक ओवरब्रिज के नीचे एक बार फिर पालिका प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी का कहर देखने को मिला। इस दौरान बरसों पुराने मकानों के आगे निकले अवैध कब्जों को बेरहमी के साथ ढहाया गया। वही किसी भी प्रकार के विवाद के हालात को ध्यान में रखकर भारी संख्या में पुलिस बल के साथ अधिकारियों की मौजूदगी बनी रही। करवाई के संदर्भ में SDM रविंद्र चोकसे तथाCMO कपिल खरे ने हाई कोर्ट के निर्देशों का हवाला दे अपनी बात रखी।
दमोह शहर के पथरिया फाटक ओवर ब्रिज के नीचे से पथरिया तरफ जाने वाले मार्ग पर बरसों पुरानी अवैध अतिक्रमण को हटाने के मामले में नगर पालिका प्रशासन द्वारा लगातार कोताही बरती जा रही थी। यहां तक कि हाई कोर्ट में दायर की गई जनहित याचिका के बाद दिए गए निर्देशों के परिपालन में भी 4 माह पूर्व अवैध कब्जे हटाने में औपचारिकताए पूरी गई थी। जिस पर याचिका कर्ता प्रदीप राजपूत ने पुनः हाईकोर्ट की शरण ली थी। 15 दिन पूर्व हाई कोर्ट के निर्देश पर नियुक्त कमिश्नर ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेते हुए अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी दी थी। जिसके बाद 8 जुलाई सोमवार को नगर पालिका प्रशासन को अपना पक्ष हाई कोर्ट के समक्ष रखना था। 
इसके पूर्व आज रविवार 7 जुलाई को नगर पालिका और प्रशासन का अमला पथरिया फाटक ओवरब्रिज के नीचे पहुंचा तथा सड़क के दोनों साइटों से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई इस दौरान स्थानीय निवासियों के हल्के फुल्के विरोध तथा आपत्ति का भी सामना करना पड़ा लेकिन इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हाई कोर्ट के आदेश की बात सामने आने से लोग कोई खास विरोध नहीं कर सके।
बताया जा रहा है कि पथरिया सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए पथरिया फाटक ओवरब्रिज के नीचे से निकले एक तरफ के मार्ग की चौड़ाई 7 मीटर तथा दूसरे साइड के मार्ग की चौड़ाई 5 मीटर निर्धारित है। इसी के मद्देनजर हाई कोर्ट की सख्ती के बाद आज अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई है। हालांकि इस दौरान लोग आसपास के अन्य क्षेत्रों में काबिज अतिक्रमण को हटाने की मांग भी करते रहे। लेकिन पालिका प्रशासन के अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
 अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्यवाही के दौरान  एडीएम  रविंद्र चोकसे,  सीएसपी मुकेश अविद्रा, टीआई  आरके गौतम और एचआर पांडे, सीएमओ कपिल खरे,  तहसीलदार बबिता राठौर, पुलिस, नगरपालिका और नजूल का अमला मौजूद रहा। बारिश के दिनों में आनन-फानन में की गई तोड़फोड़ की इस कार्यवाही से प्रभावित लोग नाराज नजर आए वहीं अधिकारी अपने बचाव में हाई कोर्ट की सख्ती की दलील देते रहे।
 हाई कोर्ट के निर्देश पर  जनहित में  सड़क चौड़ीकरण के मुद्दे नजर  हटाए गए अतिक्रमण के बाद कितने दिन में यहां पर सड़क नाली आदि का निर्माण कार्य कंप्लीट होगा और वाहन चालकों को आवागमन सुविधा के मामले में राहत मिल सकेगी  इसका सभी को अब बेसब्री से इंतजार है। इधर पलन्दी चौराहा क्षेत्र से पथरिया फाटक के नीचे जाने वाले दोनों मार्गों पर भी आवागमन में परेशानी के हालात में देखना होगा कि यहां भी सर्विस रोड निर्माण व व्यवस्था जुटाने के मामले में पालिका प्रशासन ध्यान देते हुए कार्यवाही करता है। अथवा किसी जनहित याचिका के जरिए हाईकोर्ट में मामला पहुंचने के बाद ही इस ओर ध्यान दिया जाएगा। अटल राजेंद्र जैन की रिपोर्ट

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