लोकायुक्त में रिश्वतखोर बाबू को रंगे हाथों पकड़ा..
जबलपुर। छिंदवाड़ा पहुंची जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए जनजाति कार्य विभाग के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात के तहत कार्यवाही की है। ईएमडी की राशि वापस करने के एवज में 4 हजार की रिश्वत मांगे जाने की शिकायत पर यह कार्यवाही की गई है।
छिंदवाड़ा में भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार, 3 नवंबर को छिंदवाड़ा स्थित सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग के कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई कर ललित अहिरवार भृत्य जो कि पदेन बाबू एवं कंप्यूटर ऑपरेटर का कार्य कर रहा था। दरअसल आवेदक सौरभ मिश्रा निवासी अंबाड़ा, तहसील परासिया, जिला छिंदवाड़ा की रजिस्टर्ड फर्म ने करीब छह माह पहले जुन्नारदेव ब्लॉक की ग्राम पंचायत नवेगांव में छात्रावास की बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए जनजातीय कार्य विभाग में निविदा भरी थी। इसके लिए आवेदक ने लगभग 28 हजार रुपये की ईएमडी (अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट) ऑनलाइन जमा की थी। बाद में विभाग द्वारा आवेदक का टेंडर निरस्त कर दिया गया।
इसके बाद आवेदक ने अपनी जमा ईएमडी की राशि वापस लेने के लिए विभाग में संपर्क किया। आरोप है कि विभाग में पदस्थ कर्मचारी ललित कुमार अहिरवार ने ईएमडी वापसी की प्रक्रिया पूरी कराने के एवज में 4 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। आवेदक की शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त टीम ने मंगलवार को जाल बिछाया। निर्धारित योजना के तहत जैसे ही आरोपी ने कार्यालय में आवेदक से 4 हजार रुपये की रिश्वत ली, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी ललित कुमार अहिरवार के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(B) एवं 13(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है।


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